झारखंड
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30 लाख की फिरौती के लिए ऑटो चालक का अपहरण, चतरा पुलिस ने सकुशल छुड़ाया
बाराचट्टी के घने जंगल में वीरान घर से बरामद हुआ तिलक यादव, दो अपहर्ता गिरफ्तार; टेक्निकल सेल की मदद से मिली बड़ी सफलता
चतरा। चतरा सदर थाना क्षेत्र के नगवां मोहल्ला निवासी ऑटो चालक तिलक यादव के अपहरण मामले में चतरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र स्थित घने जंगल में एक वीरान घर से तिलक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों कैलाश दांगी और मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयुक्त बजाज पल्सर बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने तिलक को संपन्न व्यक्ति समझकर उसका अपहरण किया था। अपराधियों ने उसके परिजनों से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और रकम कोलकाता भेजने का दबाव बनाया जा रहा था। तिलक 13 सितंबर को अतिरिक्त भाड़े के लालच में एक यात्री को राजपुर छोड़ने गया था। इसके बाद छह लोगों ने उसे जंगल में ले जाकर बंधक बना लिया और मोबाइल से परिजनों को फोन करवाकर फिरौती की मांग की।
एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि मामला पूरी तरह ब्लाइंड था। वैज्ञानिक अनुसंधान और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को पहले बाराचट्टी के धनगांई क्षेत्र में सुराग मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार निगरानी करते हुए इटवा गांव के समीप चैलीखार नदी किनारे जंगल में तिलक की लोकेशन ट्रेस की और छापेमारी कर उसे मुक्त कराया।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कैलाश दांगी का झारखंड-बिहार में आधा दर्जन से अधिक मामलों का आपराधिक इतिहास है और वह करीब 10 वर्ष जेल में रह चुका है। दूसरे आरोपी मनोज के विरुद्ध भी बिहार में अवैध शराब तस्करी का मामला दर्ज है। पुलिस ने घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
तिलक की बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं, ऑटो चालक संघ ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। पुलिस अधिकारियों ने तिलक को उसके परिजनों को सौंप दिया, जबकि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।