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10 जून से झारखंड के सभी बालू घाटों पर रोक

Shashi Kant 09 Jun 2026, 04:54 PM 52 views
10 जून से झारखंड के सभी बालू घाटों पर रोक
15 अक्टूबर तक नहीं होगा बालू खनन, निर्माण कार्यों पर पड़ सकता है असर
रांची: झारखंड में 10 जून से सभी बालू घाटों पर खनन और निकासी पूरी तरह बंद हो जाएगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश के अनुसार मानसून अवधि के दौरान 10 जून से 15 अक्टूबर तक राज्य में बालू खनन पर प्रतिबंध लागू रहेगा। पर्यावरण संरक्षण और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से हर वर्ष यह रोक लगाई जाती है। जानकारी के अनुसार झारखंड में कुल 444 बालू घाट हैं, लेकिन इनमें से अब तक केवल 14 घाटों से ही वैध रूप से बालू की निकासी शुरू हो सकी थी। वर्तमान में रांची में 1, हजारीबाग में 2, रामगढ़ में 3, दुमका में 3, गोड्डा में 3 तथा पूर्वी सिंहभूम में 2 बालू घाट संचालित हो रहे थे। खान विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान निर्माण कार्यों के लिए बालू की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में बालू का भंडारण कराने का प्रयास किया गया है। हालांकि, बालू घाटों से स्टॉकयार्ड तक बालू पहुंचाने की प्रक्रिया भी अब समाप्त हो चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार में बालू की उपलब्धता और कीमतों पर सभी की नजर रहेगी। राजधानी रांची में दो बालू घाटों की लीज प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन तकनीकी कारणों और चालान संबंधी समस्याओं के कारण एक घाट से अब तक बालू उठाव शुरू नहीं हो पाया है। वहीं राज्य में अब तक 290 बालू घाटों की नीलामी पूरी हो चुकी है। इनमें से 35 घाटों को पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) सहित अन्य आवश्यक अनुमतियां मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि चार माह तक खनन बंद रहने से बालू की मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन की स्थिति बन सकती है, जिसका असर निर्माण कार्यों और बाजार भाव पर देखने को मिल सकता है।