झारखंड
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हजारीबाग झील में शुरू हुआ जलकुंभी हटाने का अभियान, अत्याधुनिक मशीन से होगी सफाई
गांधी प्रतिमा वाली झील को स्वच्छ बनाने की पहल, जलकुंभी के निस्तारण पर भी उठे सवाल
हजारीबाग: शहर की पहचान मानी जाने वाली गांधी प्रतिमा स्थित ऐतिहासिक झील को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है। झील में तेजी से फैल चुकी जलकुंभी और अन्य जलीय खरपतवारों को हटाने के लिए अत्याधुनिक एक्वाटिक वीड हार्वेस्टर (Aquatic Weed Harvester) मशीन को लगाया गया है। यह मशीन पानी में तैरते हुए जलकुंभी को काटकर एकत्र करती है और उसे किनारे तक पहुंचाने का कार्य करती है।
लंबे समय से झील के बड़े हिस्से पर जलकुंभी का कब्जा हो गया था, जिससे न केवल झील की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो रही थी, बल्कि जल की गुणवत्ता और जलीय जीवों के लिए भी समस्या उत्पन्न हो रही थी। नगर निगम की इस पहल से झील का जल क्षेत्र साफ होने, पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ने और पर्यावरणीय संतुलन बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, इस अभियान के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आ रहा है। आमतौर पर देखा जाता है कि झील से निकाली गई जलकुंभी को झील परिसर, सड़क किनारे या मॉर्निंग वॉक ट्रैक के आसपास ही जमा कर दिया जाता है। कुछ दिनों बाद धूप और गर्मी के कारण यह जलकुंभी सड़ने लगती है, जिससे तेज दुर्गंध फैलती है और आसपास का वातावरण प्रभावित होता है।
सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वे स्वच्छ हवा लेने आते हैं, वहीं सड़ी हुई जलकुंभी की बदबू से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में लोगों की नजर अब इस बात पर है कि नगर निगम इस बार निकाली जा रही जलकुंभी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित निस्तारण करता है या फिर उसे पहले की तरह झील किनारे ही छोड़ दिया जाता है।
शहरवासियों का मानना है कि झील की सफाई के साथ-साथ जलकुंभी का उचित निपटारा भी सुनिश्चित किया जाए, तभी इस अभियान को पूरी तरह सफल माना जाएगा।