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काम दिलाने के बहाने नवादा की युवती को हजारीबाग में बनाया बंधक, मानव तस्करी गिरोह का सनसनीखेज खुलासा
15 दिनों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का आरोप, फिरौती मांगने और देह व्यापार में धकेलने की कोशिश; सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कराया सुरक्षित रेस्क्यू
बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र की एक युवती को काम दिलाने का झांसा देकर हजारीबाग लाकर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि उसे कार्टून पैकिंग का काम दिलाने के नाम पर एक महिला अपने साथ हजारीबाग ले आई, जहां उसे रसूलगंज स्थित एक ठिकाने पर कथित रूप से मानव तस्करी गिरोह के हवाले कर दिया गया। युवती का कहना है कि वह करीब 15 दिनों तक बंधक रही और इस दौरान उसके साथ शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की गई।
पीड़िता के अनुसार, उसे अनजान लोगों से फोन पर बात करने, देह व्यापार में शामिल होने तथा जबरन उर्दू पढ़ने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। आरोप है कि तस्करों ने उसकी मां से बेटी को छोड़ने के बदले ₹80 हजार की मांग भी की। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने जमीन बेचकर रकम देने की बात कही थी।
मौका मिलने पर युवती ने मोबाइल ठीक कराने के बहाने बाहर जाकर एक दुकानदार के फोन से अपने परिचितों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही कोडरमा जिले के मेघातरी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सारस बबलू और मुन्ना हजारीबाग पहुंचे तथा युवती को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे।
रेस्क्यू करने वाले युवकों का दावा है कि इस संबंध में पहले ही रजौली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें स्वयं पहल करनी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उक्त ठिकाने पर अभी भी करीब 20 अन्य ग्रामीण लड़कियां बंधक हैं, जिनसे जबरन अवैध कार्य कराए जा रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने कोडरमा, नवादा और हजारीबाग पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा अन्य युवतियों को शीघ्र मुक्त कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।