ब्रेकिंग
झारखंड ⚡ BREAKING

मंडल कारा में कैदी की मौत, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझा मामला

Shashi Kant 16 Aug 2026, 04:22 PM 210 views
मंडल कारा में कैदी की मौत, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझा मामला
चतरा मंडल कारा में मंटू गंझू की मौत से हड़कंप, परिजनों ने जेलकर्मियों पर लगाया हत्या का आरोप; पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर शुरू की जांच
चतरा। चतरा मंडल कारा में आर्म्स एक्ट के मामले में करीब दो वर्षों से बंद कथित टीएसपीसी उग्रवादी मंटू गंझू उर्फ दिलेश सिंह की मौत के बाद जेल प्रशासन और पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। जेल प्रबंधन की ओर से मंटू द्वारा फांसी लगाने का प्रयास किए जाने की बात कही गई है, जबकि मृतक के परिजनों ने जेलकर्मियों पर सुनियोजित हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलने के बाद जेल कर्मी मंटू को तत्काल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र का रहने वाला था और करीब दो वर्षों से चतरा मंडल कारा में बंद था। घटना के बाद जिला प्रशासन की निगरानी में मेडिकल बोर्ड गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम बोर्ड में मजिस्ट्रेट के रूप में हंटरगंज अंचल अधिकारी रितिक कुमार के अलावा सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजहर, डॉ. बिनय मेहता और डॉ. शैलेन्द्र कुमार शामिल रहे। इधर, मृतक के भाई संटू सिंह ने सदर थाना प्रभारी को आवेदन देकर जेल अधीक्षक, कक्षपाल समेत अन्य जेलकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का दावा है कि मंटू के गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। उनका आरोप है कि जेलकर्मियों ने मिलकर उसकी हत्या की है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव ने बताया कि जेल प्रबंधन की ओर से लिखित सूचना दी गई है कि मंटू ने फांसी लगाने का प्रयास किया था। वहीं, परिजन जेल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल यूडी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि मंटू गंझू को कुंदा थाना क्षेत्र के हिंदिया कला इलाके में ग्रामीणों ने हथियार के साथ पकड़ा था। आरोप है कि वह प्रधानमंत्री बिरहोर आवास निर्माण के नाम पर लेवी वसूली और ग्रामीणों को धमकाने पहुंचा था। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर कुंदा थाना पुलिस के हवाले कर दिया था, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा गया था। अब मंटू की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस-प्रशासन की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जेल में उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।