झारखंड
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ऑपरेशन 'नवजीवन-2' की ऐतिहासिक सफलता: 16 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
11 अत्याधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1562 राउंड गोलियां बरामद; डीजीपी बोलीं— पुनर्वास नीति से मुख्यधारा में लौट रहे उग्रवादी
रांची, 28 जुलाई।
झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन 'नवजीवन-2' के तहत प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के 16 हार्डकोर नक्सलियों ने मंगलवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में लाखों रुपये के इनामी कमांडर, महिला नक्सली और संगठन के शीर्ष स्तर के सदस्य शामिल हैं। इस दौरान उनके पास से 11 अत्याधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1562 राउंड गोलियां भी बरामद की गईं।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में एक रीजनल कमांडर, तीन जोनल कमांडर, तीन सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और तीन दस्ता सदस्य शामिल हैं। इनमें 15 लाख रुपये का इनामी संतोष उर्फ बासुदेव दा, 10 लाख रुपये का इनामी चंदन लोहरा तथा 5-5 लाख रुपये के इनामी अनिल तुरी और सुखलाल बिरजिया जैसे कुख्यात नक्सली भी शामिल हैं।
कोल्हान, सारंडा और लातेहार में थे सक्रिय
पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली कोल्हान, सारंडा और लातेहार के दुर्गम इलाकों में सक्रिय थे तथा कई बड़ी नक्सली घटनाओं में उनकी भूमिका रही है। इनमें कुछ पर 100 से लेकर 200 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कई बड़े हमलों में रही भूमिका
आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कई नक्सली गढ़वा के बंदरिया लैंडमाइन विस्फोट, टोंटो आईईडी ब्लास्ट, अड़की हमला और चाईबासा मुठभेड़ जैसी बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों के कारण माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ा है।
झारखंड में नक्सली अब सिंगल डिजिट में
सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ में मिलाकर 24 नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या अब सिंगल डिजिट में रह गई है तथा चाईबासा क्षेत्र में माओवादी संगठन लगभग समाप्ति की स्थिति में पहुंच चुका है।
पुनर्वास नीति का मिलेगा लाभ
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आवास, आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा सुविधा और रोजगार सहित अन्य लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
2026 में नक्सल संगठन को बड़ा झटका
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 93 नक्सलियों की गिरफ्तारी, 45 नक्सलियों के आत्मसमर्पण और 22 नक्सलियों के मारे जाने के साथ माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। पुलिस ने शेष सक्रिय नक्सलियों से भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है।
शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऑपरेशन 'नवजीवन-2' झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान साबित हो रहा है। लगातार संयुक्त कार्रवाई और पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।