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रक्षक बनी भक्षक? चतरा में खाकी पर गंभीर आरोप

Shashi Kant 25 Aug 2026, 05:35 AM 174 views
रक्षक बनी भक्षक? चतरा में खाकी पर गंभीर आरोप
सरकारी आवास में नाबालिग बच्ची से बाल मजदूरी, मारपीट और प्रताड़ना का आरोप; CWC ने किया रेस्क्यू, मंगलवार को प्राथमिकी की तैयारी
चतरा। कानून और समाज के कमजोर वर्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस पर ही अगर नाबालिग से बाल मजदूरी और प्रताड़ना के आरोप लगें, तो यह गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। चतरा में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां महिला थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक फिरदौस नाज और उनके एसआई पति टीपू अंसारी पर नाबालिग बच्ची को सरकारी आवास में रखकर उससे काम कराने, मारपीट और प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) की विशेष टीम ने सदर थाना परिसर स्थित पुलिस पदाधिकारी दंपति के सरकारी आवास में कार्रवाई करते हुए बच्ची को रेस्क्यू किया। CWC के अनुसार बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और बाद में बाल देखभाल संस्थान (CCI) भेज दिया गया। बताया गया कि बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए थे। CWC चेयरपर्सन नर्मदेश्वर सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची का बयान बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया है। मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी दी गई है। उनके अनुसार आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक माह पहले संभाला था महिला थाना का प्रभार फिरदौस नाज ने करीब एक माह पूर्व ही महिला थाना प्रभारी का पद संभाला था। इससे पहले वह सदर थाना में पदस्थापित थीं। उनके पति टीपू अंसारी भी सदर थाना में पदस्थापित हैं। दोनों सदर थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। बच्ची के कथित बयान के अनुसार शाहिद नामक व्यक्ति ने उसकी पढ़ाई छुड़ाकर उसे काम के लिए वहां पहुंचाया था। आरोप है कि काम में गलती होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। बच्ची ने यह भी बताया कि उसके बदले उसकी मां को प्रतिमाह दो हजार रुपये दिए जाते थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। CCTV फुटेज की जांच की मांग सरकारी आवास में CCTV कैमरे लगे होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में शिकायतकर्ताओं ने फुटेज की जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि CCTV जांच से बच्ची के वहां रहने और घटनाक्रम से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। आरोपी दंपति ने आरोपों को बताया साजिश वहीं महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और उनके पति टीपू अंसारी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्ची की मां उसे उनके पास लेकर आई थी और पढ़ाई के लिए कुछ समय रखने का आग्रह किया था। उन्होंने बच्ची के साथ मारपीट या किसी तरह की ज्यादती से इनकार करते हुए पूरे मामले को षड्यंत्र बताया है। फिलहाल CWC की कार्रवाई और प्रस्तावित प्राथमिकी के बाद मामले की जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे की कार्यशैली और नाबालिग की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।