झारखंड
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ट्रैफिक सुधार के नाम पर रोजगार से समझौता नहीं: डॉ. अमरदीप यादव
बस स्टैंड शिफ्ट करने से पहले स्थानीय रोजगार और वैकल्पिक व्यवस्था पर हो विचार
हजारीबाग। हजारीबाग शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। अदालत ने सरकारी बस स्टैंड को 15 दिनों के अंदर शहर से बाहर शिफ्ट करने का सुझाव दिया है। इस पर भाजपा प्रदेश मंत्री डॉ. अमरदीप यादव ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना जरूरी है, लेकिन इसका समाधान हजारों लोगों के रोजगार को प्रभावित करके नहीं निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी बस स्टैंड से दशकों से छोटे-बड़े दुकानदार, ठेला-गुमटी संचालक, ऑटो-टैक्सी चालक, मजदूर और अन्य लोग जुड़े हुए हैं। बस स्टैंड को शहर से बाहर करने से पहले इन लोगों की रोजी-रोटी और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखना जरूरी है।
डॉ. यादव ने कहा कि हजारीबाग की ट्रैफिक समस्या केवल बस स्टैंड की वजह से नहीं है। मेन रोड, नवाबगंज, बंशीलाल चौक, कोर्रा चौक, सरदार चौक, पंच मंदिर चौक, कल्लू चौक, इंद्रपुरी चौक और अन्नदा चौक सहित कई इलाकों में यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में पहले व्यापक ट्रैफिक अध्ययन, अतिक्रमण हटाने, सड़क चौड़ीकरण, वन-वे व्यवस्था और बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग पर काम होना चाहिए।
उन्होंने बसों के लिए रूट डायवर्जन, समयबद्ध प्रवेश-निकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सिग्नल जैसे विकल्पों पर विचार करने की बात कही। उन्होंने बताया कि भारत माता चौक से सिंदूर बायपास फोरलेन तक करीब 10 किलोमीटर सड़क का पुनर्निर्माण, मजबूतीकरण और चौड़ीकरण लगभग 107 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। उनके अनुसार इससे शहर के यातायात दबाव में कमी आने की उम्मीद है।
डॉ. यादव ने कहा कि वे इस मुद्दे पर हजारीबाग उपायुक्त से मिलकर स्थानीय दुकानदारों, बस संचालकों, ऑटो-टैक्सी चालकों, यात्रियों और आम नागरिकों की समस्याओं को सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि हजारीबाग को बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था चाहिए, लेकिन विकास की कीमत पर लोगों का रोजगार छीनकर नहीं।