झारखंड
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विभावि में नशा निषेध अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ
सैकड़ों विद्यार्थियों ने बनाई मानव श्रृंखला, कुलपति ने दिलाई नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में मंगलवार को दवा के दुरुपयोग एवं नशा निषेध जागरूकता अभियान के दूसरे चरण का विधिवत शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित विनोदिनी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। यह अभियान आगामी एक वर्ष तक संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे से दूर रहने का निर्णय स्वयं विद्यार्थियों को लेना होगा। उन्होंने कहा कि यदि युवा सही दिशा का चुनाव करें और मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखें तो सफलता निश्चित है। कुलपति ने विद्यार्थियों से अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों का अपना संस्थान है और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रशासन एवं शिक्षक सदैव तत्पर हैं। विद्यार्थियों की सफलता को विश्वविद्यालय की सफलता बताते हुए उन्होंने उन्हें स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर नशा-निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने विनोदिनी पार्क में विशाल मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) बनाकर नशा मुक्ति का संदेश दिया। कुलपति ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए जागरूकता संबंधी तीन फ्लेक्स बोर्ड का भी लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. अशोक राम ने उपस्थित सभी लोगों को नशा निषेध की शपथ दिलाई। चिलचिलाती धूप के बावजूद हजारों विद्यार्थियों और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बना दिया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का सशक्त संदेश दिया।